Surah Waqiah Ki Fazilat In Hindi

Surah Waqiah Ki Fazilat

हज़रत इमाम मो. बाक़र अ.स. ने फ़रमाया के जो शख्स हर शब् सूरह वाक़िआ को सोने से पहले पढ़े तो जिस वक़्त वो हक़ तआला की बारगाह में हाज़िर होगा, इसका चेहरा चौदहवीं के चाँद की तरह चमकेगा !

और इमाम जाफ़र सादिक़ अ.स. फरमाते है के जो शख्स हर शब् जुमा को ये सूरह पढ़े तो खुदा तआला इसको अपना दोस्त जानेगा और तमाम लोगो के दिलो में इसकी दोस्ती डाल देगा,

वो शख्स फकीरी नहीं देखेगा, न ही मोहताज़ होगा और दुनिया की आफ़तो और बालाओ से मेहफ़ूज़ रहेगा और हज़रत अमीरुल मोमनीन के रफ़ाक़ा में शुमार होगा !

मन्क़ूल है के उस्मान अब्ने अफ़वान जब अब्दुल्लाह इब्ने मसऊद की इयादत को गए तो उस्मान ने इनसे पूछा के तुम्हे किस चीज़ की शिकायत है?

कहा अपने गुनहाओ की , फिर पूछा के क्या आरज़ू रखते हो? कहा रेहमत परवरदिगार की, बाद इसके दरयाफ्त किया के तबीब को बुलाओ के तुम्हारा इलाज करे?

कहा तबीब ने ही मुझको बीमार डाला है, पूछा तुम्हारी माली अनााअत करू ! कहाँ जब में मोहताज़ था तो उस वक़्त तो तुमने मेरी मदद की नहीं और अब जो मुझे ज़रूरत नहीं तो मुझ को देना चाहते हो, उस्मान ने कहा तुम्हारे बेटो को तो कुछ दे दू?

कहा इनको भी ज़रूरत नहीं है इस वास्ते के मैंने इनको सूरह वाक़िया तहलीम किया है और वो हमेशा इस की तिलावत करते है

और मैंने जनाब रसूल ए खुदा सल्लाहो अलैहि वलेही वसल्लम से सुना है के जो शख्स हर शब् को इस सूरह को पढ़े वो हरगिज़ मोहताज़ न होगा, खुदा वन्दे आलम वास्ते रिस्क अता फरमाएगा !

सूरह वाक़िया शब् शंबा शरू करना चाहिए और हर शब् को तीन मर्तबा इस सूरह की तिलावत की जाए और शब् जुमा आठ मर्तबा या पांच मर्तबा पढ़ना चाहिए !

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