Namaz e Hadiya e Walidain, नमाज़े हदया-ए-वालिदैन Shia

Namaz e Hadiya e Walidain  Namaz e Hadiya e Walidain

 

नमाज़े हदया-ए-वालिदैन:

Namaz e Hadiya e Walidain: ये नमाज़ जिन्दा और मुर्दा दोनों के लिये पढ सकते हैं, हर रात में नमाज़ मगरिब के बाद दो रकअत नमाज़ पढे,

पहली रकअत में सूरह अल्हम्द के बाद दस मर्तबा ये पढे।

“रब्बिगफिरली वलि वालिदय-य व लिल मोमिनी-न यौ-म यकूमुल हिसाब”

दूसरी रकअत में सूरह अल्हम्द के बाद दस मर्तबा ये पढे।

“रब्बिरफिरली वलि वालिदय-य व लिमन द-ख-ल बैतिया मोमिनंव व लिल मोमिन-न वल मोमिनात”

नमाज़ पूरी करके हाथ उठा कर दस मरतबा ये पढे । “रब्बिर हमहुमा कमा रब्बयानी सगीरा”

इस नमाज़ का सवाब मेरे माँ बाप की रूह के लिये कुबूल फ़रमा।

 

Other Post:

One thought on “Namaz e Hadiya e Walidain, नमाज़े हदया-ए-वालिदैन Shia

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *